unfoldingWord 06 - परमेश्वर इसहाक के लिए प्रबंध करता है
Disposisjon: Genesis 24:1-25:26
Skriptnummer: 1206
Språk: Hindi
Publikum: General
Hensikt: Evangelism; Teaching
Features: Bible Stories; Paraphrase Scripture
Status: Approved
Skript er grunnleggende retningslinjer for oversettelse og opptak til andre språk. De bør tilpasses etter behov for å gjøre dem forståelige og relevante for hver kultur og språk. Noen termer og begreper som brukes kan trenge mer forklaring eller til og med erstattes eller utelates helt.
Skripttekst
जब अब्राहम बहुत बूढ़ा हो गया था तब उसका पुत्र, इसहाक, एक पुरुष की आयु का हो गया था। इसलिए अब्राहम ने अपने एक सेवक को अपने पुत्र इसहाक के लिए उस देश से एक पत्नी लाने के लिए भेजा जहाँ उसके रिश्तेदार रहते थे।
जहाँ अब्राहम के रिश्तेदार रहते थे उस देश को जाने की एक बड़ी लंबी यात्रा के बाद परमेश्वर उस सेवक को रिबका के पास ले गया। वह अब्राहम के भाई की पोती थी।
रिबका अपने परिवार को छोड़ कर उस सेवक के साथ वापिस जाने के लिए मान गई। जैसे ही वे पहुँचे इसहाक ने उससे विवाह कर लिया।
एक लंबे समय के बाद, अब्राहम मर गया। तब परमेश्वर ने अब्राहम के पुत्र इसहाक को, अब्राहम के साथ बाँधी गई वाचा की वजह से आशीष दी। उस वाचा में परमेश्वर की एक प्रतिज्ञा थी कि अब्राहम के अनगिनत वंशज होंगे। परन्तु इसहाक की पत्नी रिबका के संतान उत्पन्न नहीं हुईं।
इसहाक ने रिबका के लिए प्रार्थना की, और परमेश्वर ने उसे जुड़वाँ बच्चों का गर्भ धारण करने में सक्षम किया। जिस समय वे बच्चे रिबका के गर्भ में ही थे वे आपस में लड़ने लगे, इसलिए जो कुछ हो रहा था रिबका ने वह परमेश्वर को बता दिया।
परमेश्वर ने रिबका से कहा, "तू दो पुत्रों को जन्म देगी। उनके वंशज दो अलग-अलग जातियाँ बनेंगे। वे एक दूसरे से लड़ेंगे। परन्तु बड़े पुत्र से उत्पन्न होने वाली जाति को छोटे पुत्र से आने वाली जाति की आज्ञा माननी होगी।"
जब रिबका के बच्चों का जन्म हुआ, तो बड़ा पुत्र लाल और रोएँदार था, और उन्होंने उसका नाम एसाव रखा। तब छोटा पुत्र एसाव की एड़ी को पकड़े हुए जन्मा, और उन्होंने उसका नाम याकूब रखा।