unfoldingWord 22 - यूहन्ना की पैदाइश
Omrids: Luke 1
Script nummer: 1222
Sprog: Urdu Devanagari
Publikum: General
Formål: Evangelism; Teaching
Features: Bible Stories; Paraphrase Scripture
Status: Approved
Scripts er grundlæggende retningslinjer for oversættelse og optagelse til andre sprog. De bør tilpasses efter behov for at gøre dem forståelige og relevante for hver kultur og sprog. Nogle anvendte termer og begreber kan have behov for mere forklaring eller endda blive erstattet eller helt udeladt.
Script tekst
अगले ज़माने में खुदा ने अपने नबियों से बात की थी ताकि वह उसके लोगों से बातें करे – मगर फिर 400 साल गुज़र गए जब उसने उनसे बात नहीं की – फिर खुदा ने ज़करिया नाम काहिन के पास एक फ़रिश्ते को भेजा – ज़करिया और उसकी बीवी एलिज़बेथ खुदा के उस फ़रिश्ते की इज़्ज़त की – वह बहुत उमर रसीदा थे और एलिज़बेथ ने कभी किसी बचे को जन्म नहीं दिया था -
फ़रिश्ते ने ज़करिया से कहा तुम्हारी बीवी के एक बेटा होगा और तुम उसका नाम यूहन्ना रखना – खुदा उसको रूहुलक़ुदुस से मा’मूर करेगा और यूहन्ना एक ज़रीया बनेगा कि लोग मसीहा को हासिल करें – ज़करिया ने जवाब दिया “मैं और मेरी बीवी उमर रसीदा हैं तो फिर मैं कैसे जानूंगा कि तुम सच कह रहे हो “?
फ़रिश्ते ने ज़करिया को जवाब दिया मैं खुदा की तरफ़ से इस ख़ुशख़बरी को देने के लिए भेजा गया हूँ – इसलिए कि तूने एतक़ाद नहीं किया,जब तक बच्चा पैदा नहीं होजाता तू गूंगा बना रहेगा – फ़ौरन ज़करिया बोलने से महरूम होगया –फिर फ़रिश्ते ने ज़करिया को छोड़कर चला गया – इसके बाद ज़करियाह घर वापस लौटा और उस की बीवी हामला हुई -
जब एलिज़बेथ छे महीने की हमल से थी वही फ़रिश्ता अचानक एलिज़बेथ के रिश्तेदार के हाँ ज़ाहिर हुआ जि सका नाम मरयम था – वह कुंवारी थी और यूसुफ़ नाम के एक आदमी से उसकी मंगनी हो रखी थी - फ़रिश्ते ने कहा “तुम हमिला होगी और तेरे एक बेटा पैदा होगा – तू उसका नाम येसु रखना ,क्यूंकि वह ख़ुदा तआला का बेटा कहलाएगा और हमेशा के लिए हुकूमत करेगा -
मरयम ने जवाब दिया ,यह कैसे हो सकता है जबकि मै एक कुंवारी हू - “फ़रिश्ते ने जवाब दिया ,” रूहुलक़ुदुस तुझ पर नाज़िल होगा और खुदा की क़ुदरत तुझ पर साया करेगी – सो वह बच्चा बहुत ही पाक होगा और वह खुदा का बेटा कहलाएगा – जो कुछ फ़रिश्ते ने कहा था मरयम उस पर ईमान ले आई -
इसके वाक़े होने के फ़ौरन बाद एलिज़बेथ से मुलाक़ात करने गई .जैसे ही मरयम ने एलिज्बेथ को सलाम किया एलिज़बेथ के पेट में उसका बच्चा उछल पड़ा – जो कुछ खुदा ने उन औरतों के लिए किया था उसकी बाबत वह बहुत ख़ुश हुईं तीन महीने तक मरयम एलिज़बेथ के यहाँ रहने के बाद वह अपने घर वापस गई -
इसके बाद एलिज़बेथ ने अपने बेटे को जन्म दिया –ज़करिया और एलिज़बेथ ने अपने बेटे का नाम यूहन्ना रखा जैसा कि फ़रिश्ते ने उन्हें हुक्म दिया था - फिर खुदा ने ज़करिया को दुबारा बोलने लायक़ कर दिया –ज़करिया ने कहा ,” खुदा की हम्द हो क्यूंकि उसने अपने लोगों को याद रखा ! ऐ मरे बेटे ,तू खुदा तआला का नबी होगा –यौम लोगों से कहोगे कि किस तरह अपने गुनाहों से मुआफ़ी हासिल की जाती है ” !